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Wednesday, 18 March 2020

Dekhne me choto ho kano


देखने में छोटो है कारो मेरो कान्हो,
पर काम बड़ा करता है मेरो सांवरो प्यारो ||

मेरा नन्हा कान्हा पूतना को मारा था ,
तुरत प्राणों को पी गए जब स्तन मुँह में डाला था ,
मातु यशोदा हाथ मल रही कहाँ गया मेरो कान्हो ,
पर काम बड़ा करता है मेरो सांवरो प्यारो ||
अरे देखने में छोटो है .......

नन्हा कान्हा माटी खावे मातु यशोदा को बहकावे ,
मुख खोल माटी के बदले ब्रम्हांड सारा दिखलावे ,
चकित रह गयी मातु यशोदा जगतपिता बेटा जानो ,
पर काम बड़ा करता है मेरो सांवरो प्यारो ||
अरे देखने में छोटो है .......

खेलत गेंद गिरी जमुना में कूद गयाो कान्हो प्यारो ,
मातु यशोदा बिलख रहीं हैं कहाँ गयाो मेरो कान्हो ,
काली नाग नथैय्या कान्हा फ़न पे नाच दिखाय डालो ,
पर काम बड़ा करता है मेरो सांवरो प्यारो ||
अरे देखने में छोटो है ....... 

Thursday, 5 March 2020

Guru ke charno me


हो जा समर्पण गुरु के चरणों में आई के,
करेंगे सुधार तेरा अपना बनाय के ||

दर दर भटकता रहा पाया ना चैन रे , व्यर्थ ही बीत गए दिन और रैन रे ,
हाय तूने खो दिया हीरा जनम पाई के ,करेंगे सुधार तेरा अपना बनाय के ||
हो जा समर्पण .............

बना के जो बैठा है अपना संसार रे,  अपने ही चोट देंगे उनको बिसार रे ,
लिए अवतार जग में जगदीश आई के ,करेंगे सुधार तेरा अपना बनाय के ||
हो जा समर्पण .............

दिल में तो बैठा है तेरा दिलदार रे , ब्रम्हा विष्णु शंकर बन कर करते तीनो काम ,
सतगुरु नें झलक दिखाया अँधेरा मिटाय के , करेंगे सुधार तेरा अपना बनाय के ||
हो जा समर्पण ............. 

Sunday, 29 December 2019

Hume toh loot liya



हमें तो लूट लिया मिल के कई चोरों ने,
काम क्रोध लोभ ने मद मोह छोभ नें ||

माया का झोखा चला था बड़े ही जोरों से, द्वार खोल दिए इन्द्रियों के देवों नें ,
चका चौंध में हम भूल गए परमेश्वर , कीमती वक़्त बीत रहा थी ना खबर
हमे बेकार कर दिया हमारे कर्मों नें , काम क्रोध लोभ नें मद मोह छोभ नें ||
हमे तो लूट लिया  ................

नींद से जगे जब तो मन बड़ा बेचैन हुआ ,करुणा कर के फिर से हमको एक मौका दिया ,
ला के पटक दिया गुरु के चरणों में ,काबिल ना था फिर भी अपनाया गुरुवर ने ,
मन्त्र दीक्षा दे शुद्ध किया  सतगुरु  नें , काम क्रोध लोभ नें मद मोह छोभ नें ||
हमें तो लूट लिया  ..............

उनके संकल्प से ही हम तो पवित्र हुए , उनकी नूरी निगाहों में हम आ ही गए
ईश्वर का अंश हूँ ये बात तब समझ पाया ,लेखनी लिख ना सकी क्या गुरु के गुण गाये
डूबने से बचे हम तो गुरु के वचनों से, काम क्रोध नें मद मोह लोभ नें ||
हमें तो लूट लिया ...............

Monday, 2 September 2019

Ganesh Vandana

नन्दन गौरी गणेश आओ सुंदर सुवन महेश |

जयति शम्भु सुत गौरी नन्दन,विघ्न हरण नाशन भव फंदन,
मैं नमन करुँ देवेश ,आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश .......

तिलक त्रिपुंड भाल शशि सोहे ,छवि लखि सुर नर मुनि मन मोहे,
आओ श्री गणेश,आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश .......

तुम्हरी ही साप भयो जग अंकित,भादों चौथ चंद्र अकलंकित,
आओ शिव सुत गणेश, आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश .......

नित्य गजानन जो गुण गावत, घर में हो सुमति परम सुख पावत,
हमरहु हरहु कलेश , आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश .......

जन धन धान्य सुवन सुख दायक, देहु सकल शुभ श्री गणनायक,
विनती सुनहु गणेश , आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश ....... 

Saturday, 31 August 2019

Abhimaani na kar manmaani




ओ अभिमानी ना, कर मनमानी, ये झूठी शान से,
तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से |

लाखों करोणों की ये पाप की कमाई,
करते हुए भी शरम ना आयी ,
ओ अभिमानी, ना कर मनमानी, ये झूठी शान से,
क्योंकि तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....

झूठ भी बोला किया छल भाई से,
हुआ ना संतोष तुझे अपनी कमाई से ,
अरे अज्ञानी ना बन अभिमानी बच बुरे काम से ,
क्योंकि तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....

तिरिया से करे तू प्रीत रे घनेरे माया  से क्यू ना दूर हटे,
मरने पर तेरा कोई नाम ना लेंगे बस अच्छे काम को दोहराये,
एक दिन नाती पोते, निकालेंगे जनाज़ा, बजायेंगे बाजा, बड़े ही अरमान से,
तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....

मन में बंधी है तेरे पाप की गठरिया व्यर्थ गवाईं सारी उमरिया ,
अरे ओ प्राणी बन जा अब ग्यानी बच झूठी शान से,
क्योंकि तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....



Sunday, 11 August 2019

Hari ko bhaj le Prani

हरि को भज ले प्राणी कहीं वक्त टल ना जाये
कंचन सी तेरी काया मरघट में जल ना जाये

सूंदर शरीर पा कर अभिमान कर रहा है ,
माटी का तेरा पुतला, माटी में मिल न जाए |
हरि  को भज  ...

करता है मेरा मेरा कोई नहीं है तेरा ,
कोई साथ है ना आया, कोई साथ में ना जाये |
हरि  को भज  ...

भव सिंधु पार जाना कोई  नहीं ठिकाना,
कागज़ की तेरी नैया, कहीं डूब ही ना जाए |
हरि  को भज  ...


Thursday, 8 August 2019

Bada Lahri

 इस गाने में शरीर को पिंजरा बताया गया है और सुगनवा को आत्मा | 

बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ,
बड़ा लहरी हो रमा बड़ा बड़ा लहरी |

पिंजरा साढ़े तीन  हाथ का ता में सुगनवा बोले,
कभी कभी मस्ती में आ के दिल का जौहर खोले,
बोले संझवा औ बिहनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ...

पाँच तत्व का बना है पिजरां लगा है दस दरवाजा,
बीच मध्य में लगा के आसन बैठा बन के राजा,
झूले प्रेम का झुलनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ..

अपने मन की किया दवाई राख सिनवठि नाड़ी,
वो ही से बोले  वो ही से चाले वहीँ से भरे हुंकारी,
मानै उन्हीके कहनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ...

खाय पीय के मस्त हुआ तब मधुर मधुर सुर गावै,
अपने गुरु का ध्यान लगावै मीठी तान सुनावै,
गावे अपने मन का गनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ..

Wednesday, 3 July 2019

Jaana hoga re gujariya

  इस गाने में ये बताया गया है की सबको अंत में भगवान् के पास ही जाना है, जिसका वर्णन  भगवन से शादी के रूप में किया है की गवनवा(शादी के बाद हुई मइके से विदाई) आत्मा को जाना ही होगा |

गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया,
होगा रे गुजरिया तुम्हें होगा रे गुजरिया |

हरे बाँस की बनी पालकी ता पर लाल ओहार ,
चार कहरवाँ  आगे पीछे पंचवा सिरजनहार ,
छठवां मै बैठी बांवरिया होगा रे गुजरिया,
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ....

मात पिता और कुटुम्ब  कबीला ये माया बाजार हो रामा ये माया बाजार,
अन्त समय कोई काम ना अइहैं घर से दयेहैं निकाल,
फिर अकेलवै तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया,
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ...

काम क्रोध मद लोभ में पड़ के राम दिया बिसराय हो रामा राम के दिया बिसराय,
काल का दंड  लगे सिर ऊपर तुम्हे टांग लिये जाय ,
फिर सिर धुन धुन के पछताना होगा रे गुजरिया
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ...

महल अटारी सब छुट जैय्हैन धन और माल खजाना हो रामा  धन और माल खजाना
जेहि  दिन गुर गोरिया अएहैं  सच्चे साजन का परवाना
फिर तो लागे कौनो न बहाना होगा रे गुजरिया,
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ...




Tuesday, 25 June 2019

Dil gaaye sadguru tera shukrana




तुम्ही ने दिया मुझको प्रेम खजाना,
कि दिल गाये सद्गुरु तेरा शुकराना ||

जगत में बाहरमुखी हो रहे थे,सुख में सुखी दुःख में दुखी हो रहे थे,
सिखाया है हर हाल में मुस्कुराना कि दिल गाये  सद्गुरु तेरा शुकराना ||
तुम्ही ने दिया मुझको प्रेम खजाना ......

खुदगर्ज हो कर अपने लिए ही जिए थे, अपने ही हाथों विष के प्याले पिए थे,
रहमत तेरी अब न कोई लगे बेगाना, कि दिल गाये  सद्गुरु तेरा शुकराना ||
तुम्ही ने दिया मुझको प्रेम खजाना ......

कोई न पहुंचे दर पे बिना कुरबानी, मगर तेरी महिमा सद्गुरु  मैंने अभी जानी,
जले बन के शम्मा तभी आया परवाना, कि दिल गाये  सद्गुरु तेरा शुकराना ||
तुम्ही ने दिया मुझको प्रेम खजाना ......

उपकारों की चर्चा जुबाँ कर ना पाए, एहसानो का कर्जा हम कैसे चुकाए
 सिवा आसुओं के क्या दें  नज़राना, कि दिल गाये   सद्गुरु तेरा शुकराना ||
तुम्ही ने दिया मुझको प्रेम खजाना ......




Thursday, 13 June 2019

Sansaar bhi sakar na hota

  संसार के करतार का आकार न होता तो,
उसका ये संसार भी साकार न होता।

साकार में जाहिर है निराकार की हस्ती,
साकार न होता तो निराकार न होता।
संसार के करतार-  - - - -

हम मान भी लेते की दृष्टि से परे है,
आखों में मगर उसका चमत्कार न होता।
संसार के करतार-  - - - -

व्यापक ही सही सबमे वो रहता मगर कहाँ है ,
रहने का अगर जिस्म का आधार न होता।
संसार के करतार-  - - - -

आँखों से निकलते ना कभी बिंदु के मोती,
निर्गुण का सगुण से जो बंधा तार ना होता।
तो उसका ये संसार भी साकार न होता।
संसार -  - -

Sunday, 9 June 2019

jeevan me anand bhara hai

जीवन में आनंद भरा है, सब में आनंद घोल दो,
लेना देना आनंद का हो, बाकी सारा छोड़ दो |

मन है हमारे विचारों की माला, अच्छे बुरे सब आने दो,
चुन लो कुछ अनमोल मोती, बाकी सारा छोड़ दो |

द्रिष्टी हमारी पूजा की हो, मन मंदिर में सजने दो,
प्रेम का नन्हा दीप जला लो, बाकी सारा छोड़ दो |

कितनी करोगे जप तप पूजा, जो करता है करने दो ,
आतम का दीदार करो तुम, बाकी सरा छोड़ दो |

दुनिया में रौनक लाख लगी हो, मन चाहा सुख लेने दो,
तू भी चल कर देख मुसाफिर, बाकी सारा छोड़ दो |

जग के नाते रिश्ते बंधन, धीरे धीरे खुलने दो,
हाथ पकड़ लो सद्गुरु का तुम, बाकी सारा छोड़ दो |

सात चित आनंद रूप तुम्हारा,उसका ही तो पसारा है,
लक्ष्य तुम अपना यही बना लो बाकी सारा छोड़ दो |
जीवन में आनंद भरा है......

Tuesday, 30 April 2019

Jay raam hare ghanshyaam hare

रे मन प्रति स्वाश पुकार यही, जय राम हरे घनश्याम हरे ,
तन नौका के पतवार यही, जय राम हरे घनश्याम हरे |

जग में व्यापक आधार यही, जग में लेता अवतार वही ,
है निराकार साकार यही , जय राम हरे घनश्याम हरे |
तन नौका के पतवार यही...... ....

ध्रुव को ध्रुव पग दातार यही प्रहलाद गले का हार यही,
नारद वीणा का तार यही , जय राम हरे घनश्याम हरे |
तन नौका के पतवार यही...... ....

सब सुकृतों का आधार यही,गंगा यमुना की धार यही ,
श्री रामेश्वर हरिद्वार यही , जय राम हरे घनश्याम हरे |
तन नौका के पतवार यही...... ....

सज्जन का साहूकार यही , प्रेमी जन का व्यापार यही
सुख सिंधु सुधा का सार यही , जय राम हरे घनश्याम हरे |
तन नौका के पतवार यही...... ....


Sunday, 7 April 2019

Maa kaise prasann hoti ho

 यह गाना मैंने स्वयं लिखा है |

मैं  कैसे जानू माँ, तुम  कैसे प्रसन्न होती हो ,
कैसे प्रसन्न होती हो, माँ कैसे खुश होती हो |

लवंग कपूर की ज्योति जलाई, फिर भी तुम नहीं पड़ी दिखाई,
संतों जैसे निर्मल मन से, तेरी पूजा होती है |
मैं  कैसे जानू माँ......

लाल चुनरिया काढ़ के मैंने, तुमको है पहनाई,
माथे रोली मैंने लगायी, माँ फिर भी ना पड़ी दिखाई |
मैं  कैसे जानू माँ......

नीचे जौ की बेदी बनायी, ऊपर कलश धरायी,
बड़े मुश्किल में  तेरे सामने, अखंड दीप हूँ जलाई ,
माँ फिर भी ना पड़ी दिखाई |
मैं  कैसे जानू माँ......

पान फूल और ध्वजा नारियल, भी मैंने है चढ़ाई,
फूलों का गले हार बनाकर, तुमको मैं पहनाई ,
माँ फिर भी ना पड़ी दिखाई |
मैं  कैसे जानू माँ......

हाँथ जोड़ नतमस्कतक हो कर, तुमको रही मनायी,
थोड़ा सा द्रवित हो जा मेरी मैया थोड़ा सा प्रसन्न हो जा मेरी मैया ,
माँ फिर भी ना पड़ी दिखाई |
मैं  कैसे जानू माँ...... 

Sunday, 31 March 2019

yah poojan kis kaam ka

 किये मंत्र जप माला फेरी, पूजन आठों याम का,
रहे भाव सकीर्ण अगर तो, यह पूजन किस काम का |

हर पूनम हर पर्व नहाये, गंगा जी के नीर में,
पर मन डूब ना पाया बिल्कुल, किसी दुखी के पीर में,
करते रहे सफर हम निष्ठुर, मन से चारों धाम का |
रहे भाव सकीर्ण अगर...... .

ईश्वर ने जो दिया लगाए, केवल अपने वास्ते ,
स्वार्थ पूर्ति  जिन से हमने, चुने वही सब रास्ते ,
किया यत्न हर पल छिन हमने,अपने सुख आराम का |
रहे भाव सकीर्ण अगर......

प्रगति  देख औरों की हम, भरे  द्वेष में लोभ में,
पूर्ण ना हो पायी इक्षा तो, भरे तीव्र विक्षोभ में ,
ध्यान रहा हर समय हमे तो, अपने ही धन धाम का |
रहे भाव सकीर्ण अगर...... 

व्यर्थ ऐठना अहँकार में, भर कर झूठी शान में ,
किन्तु मांगते रहना खुद के, लिए सदा भगवान से ,
द्वार द्वार दौड़ना  व्यर्थ में , यहाँ सुबह और शाम का | 
रहे भाव सकीर्ण अगर...... 

उतना गड्ढा करो कि  जितनी, मिट्टी डालो खेत में, 
प्रायश्चित का सूत्र दिया, यह गुरुवर ने संकेत में ,
ध्यान न रह पाया यदि हमको, पापों के परिणाम का  | 
रहे भाव सकीर्ण अगर......

Monday, 4 March 2019

conversation between lord shiva and lord vishnu



भगवान विष्णु ने जब शंकर भगवान से उनका हालचाल पूंछा तब शङ्कर भगवान ने कुछ इस प्रकार से ठिठोली करी ;

रोवे भोले शंकर दानी है कहानी दुःख भरी ,
रोवे शंकर भोले दानी है कहानी दुःख भरी ,
है कहानी दुःख भरी, है कहानी दुःख भरी ||
रोवे भोले शंकर दानी ....

शंकर कहा हाल ना पूँछो दुख में है ज़िंदगानी ,
दक्ष सुता के बाग देख कर बैल खाये नासनी ,
एकै बुढ़वा बैल निशानी है कहानी दुःख भरी |
रोवे भोले शंकर दानी ....

हमरे पास गणेश ना आवे वोऊ गए भयमानी ,
उनके मूस को साँप हमारो पकड़ करै हैरानी ,
ऐसे छूटे सगरो प्राणी है कहानी दुःख भरी |
रोवे भोले शंकर दानी ....

स्वामी कार्तिकेर्या एकै वाहन मोर रहा मस्तानी ,
ओकरे डर से साँप के हमरे सगरो अकिल भुलानी ,
खुटका औरो एक समानी है कहानी दुःख भरी |
रोवे भोले शंकर दानी ....

कहे विक्रमा चन्द्रभाल से अमृत चुए लासानी ,
बाघम्बर जिन्दा होइ गरजे हमरो मौत तुलनी ,
देहियाँ एही से झुरानी  है कहानी दुःख भरी |
रोवे भोले शंकर दानी ....

Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...