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Sunday, 11 August 2019

Hari ko bhaj le Prani

हरि को भज ले प्राणी कहीं वक्त टल ना जाये
कंचन सी तेरी काया मरघट में जल ना जाये

सूंदर शरीर पा कर अभिमान कर रहा है ,
माटी का तेरा पुतला, माटी में मिल न जाए |
हरि  को भज  ...

करता है मेरा मेरा कोई नहीं है तेरा ,
कोई साथ है ना आया, कोई साथ में ना जाये |
हरि  को भज  ...

भव सिंधु पार जाना कोई  नहीं ठिकाना,
कागज़ की तेरी नैया, कहीं डूब ही ना जाए |
हरि  को भज  ...


Sunday, 31 March 2019

yah poojan kis kaam ka

 किये मंत्र जप माला फेरी, पूजन आठों याम का,
रहे भाव सकीर्ण अगर तो, यह पूजन किस काम का |

हर पूनम हर पर्व नहाये, गंगा जी के नीर में,
पर मन डूब ना पाया बिल्कुल, किसी दुखी के पीर में,
करते रहे सफर हम निष्ठुर, मन से चारों धाम का |
रहे भाव सकीर्ण अगर...... .

ईश्वर ने जो दिया लगाए, केवल अपने वास्ते ,
स्वार्थ पूर्ति  जिन से हमने, चुने वही सब रास्ते ,
किया यत्न हर पल छिन हमने,अपने सुख आराम का |
रहे भाव सकीर्ण अगर......

प्रगति  देख औरों की हम, भरे  द्वेष में लोभ में,
पूर्ण ना हो पायी इक्षा तो, भरे तीव्र विक्षोभ में ,
ध्यान रहा हर समय हमे तो, अपने ही धन धाम का |
रहे भाव सकीर्ण अगर...... 

व्यर्थ ऐठना अहँकार में, भर कर झूठी शान में ,
किन्तु मांगते रहना खुद के, लिए सदा भगवान से ,
द्वार द्वार दौड़ना  व्यर्थ में , यहाँ सुबह और शाम का | 
रहे भाव सकीर्ण अगर...... 

उतना गड्ढा करो कि  जितनी, मिट्टी डालो खेत में, 
प्रायश्चित का सूत्र दिया, यह गुरुवर ने संकेत में ,
ध्यान न रह पाया यदि हमको, पापों के परिणाम का  | 
रहे भाव सकीर्ण अगर......

Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...