Showing posts with label indianclassicalsong. Show all posts
Showing posts with label indianclassicalsong. Show all posts

Monday, 2 September 2019

Ganesh Vandana

नन्दन गौरी गणेश आओ सुंदर सुवन महेश |

जयति शम्भु सुत गौरी नन्दन,विघ्न हरण नाशन भव फंदन,
मैं नमन करुँ देवेश ,आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश .......

तिलक त्रिपुंड भाल शशि सोहे ,छवि लखि सुर नर मुनि मन मोहे,
आओ श्री गणेश,आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश .......

तुम्हरी ही साप भयो जग अंकित,भादों चौथ चंद्र अकलंकित,
आओ शिव सुत गणेश, आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश .......

नित्य गजानन जो गुण गावत, घर में हो सुमति परम सुख पावत,
हमरहु हरहु कलेश , आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश .......

जन धन धान्य सुवन सुख दायक, देहु सकल शुभ श्री गणनायक,
विनती सुनहु गणेश , आओ सुंदर सुवन महेश |
नंदन गौरी गणेश ....... 

Thursday, 8 August 2019

Bada Lahri

 इस गाने में शरीर को पिंजरा बताया गया है और सुगनवा को आत्मा | 

बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ,
बड़ा लहरी हो रमा बड़ा बड़ा लहरी |

पिंजरा साढ़े तीन  हाथ का ता में सुगनवा बोले,
कभी कभी मस्ती में आ के दिल का जौहर खोले,
बोले संझवा औ बिहनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ...

पाँच तत्व का बना है पिजरां लगा है दस दरवाजा,
बीच मध्य में लगा के आसन बैठा बन के राजा,
झूले प्रेम का झुलनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ..

अपने मन की किया दवाई राख सिनवठि नाड़ी,
वो ही से बोले  वो ही से चाले वहीँ से भरे हुंकारी,
मानै उन्हीके कहनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ...

खाय पीय के मस्त हुआ तब मधुर मधुर सुर गावै,
अपने गुरु का ध्यान लगावै मीठी तान सुनावै,
गावे अपने मन का गनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ..

Wednesday, 3 July 2019

Jaana hoga re gujariya

  इस गाने में ये बताया गया है की सबको अंत में भगवान् के पास ही जाना है, जिसका वर्णन  भगवन से शादी के रूप में किया है की गवनवा(शादी के बाद हुई मइके से विदाई) आत्मा को जाना ही होगा |

गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया,
होगा रे गुजरिया तुम्हें होगा रे गुजरिया |

हरे बाँस की बनी पालकी ता पर लाल ओहार ,
चार कहरवाँ  आगे पीछे पंचवा सिरजनहार ,
छठवां मै बैठी बांवरिया होगा रे गुजरिया,
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ....

मात पिता और कुटुम्ब  कबीला ये माया बाजार हो रामा ये माया बाजार,
अन्त समय कोई काम ना अइहैं घर से दयेहैं निकाल,
फिर अकेलवै तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया,
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ...

काम क्रोध मद लोभ में पड़ के राम दिया बिसराय हो रामा राम के दिया बिसराय,
काल का दंड  लगे सिर ऊपर तुम्हे टांग लिये जाय ,
फिर सिर धुन धुन के पछताना होगा रे गुजरिया
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ...

महल अटारी सब छुट जैय्हैन धन और माल खजाना हो रामा  धन और माल खजाना
जेहि  दिन गुर गोरिया अएहैं  सच्चे साजन का परवाना
फिर तो लागे कौनो न बहाना होगा रे गुजरिया,
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ...




Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...