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Thursday, 5 March 2020

Guru ke charno me


हो जा समर्पण गुरु के चरणों में आई के,
करेंगे सुधार तेरा अपना बनाय के ||

दर दर भटकता रहा पाया ना चैन रे , व्यर्थ ही बीत गए दिन और रैन रे ,
हाय तूने खो दिया हीरा जनम पाई के ,करेंगे सुधार तेरा अपना बनाय के ||
हो जा समर्पण .............

बना के जो बैठा है अपना संसार रे,  अपने ही चोट देंगे उनको बिसार रे ,
लिए अवतार जग में जगदीश आई के ,करेंगे सुधार तेरा अपना बनाय के ||
हो जा समर्पण .............

दिल में तो बैठा है तेरा दिलदार रे , ब्रम्हा विष्णु शंकर बन कर करते तीनो काम ,
सतगुरु नें झलक दिखाया अँधेरा मिटाय के , करेंगे सुधार तेरा अपना बनाय के ||
हो जा समर्पण ............. 

Sunday, 29 December 2019

Hume toh loot liya



हमें तो लूट लिया मिल के कई चोरों ने,
काम क्रोध लोभ ने मद मोह छोभ नें ||

माया का झोखा चला था बड़े ही जोरों से, द्वार खोल दिए इन्द्रियों के देवों नें ,
चका चौंध में हम भूल गए परमेश्वर , कीमती वक़्त बीत रहा थी ना खबर
हमे बेकार कर दिया हमारे कर्मों नें , काम क्रोध लोभ नें मद मोह छोभ नें ||
हमे तो लूट लिया  ................

नींद से जगे जब तो मन बड़ा बेचैन हुआ ,करुणा कर के फिर से हमको एक मौका दिया ,
ला के पटक दिया गुरु के चरणों में ,काबिल ना था फिर भी अपनाया गुरुवर ने ,
मन्त्र दीक्षा दे शुद्ध किया  सतगुरु  नें , काम क्रोध लोभ नें मद मोह छोभ नें ||
हमें तो लूट लिया  ..............

उनके संकल्प से ही हम तो पवित्र हुए , उनकी नूरी निगाहों में हम आ ही गए
ईश्वर का अंश हूँ ये बात तब समझ पाया ,लेखनी लिख ना सकी क्या गुरु के गुण गाये
डूबने से बचे हम तो गुरु के वचनों से, काम क्रोध नें मद मोह लोभ नें ||
हमें तो लूट लिया ...............

Sunday, 11 August 2019

Hari ko bhaj le Prani

हरि को भज ले प्राणी कहीं वक्त टल ना जाये
कंचन सी तेरी काया मरघट में जल ना जाये

सूंदर शरीर पा कर अभिमान कर रहा है ,
माटी का तेरा पुतला, माटी में मिल न जाए |
हरि  को भज  ...

करता है मेरा मेरा कोई नहीं है तेरा ,
कोई साथ है ना आया, कोई साथ में ना जाये |
हरि  को भज  ...

भव सिंधु पार जाना कोई  नहीं ठिकाना,
कागज़ की तेरी नैया, कहीं डूब ही ना जाए |
हरि  को भज  ...


Thursday, 8 August 2019

Bada Lahri

 इस गाने में शरीर को पिंजरा बताया गया है और सुगनवा को आत्मा | 

बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ,
बड़ा लहरी हो रमा बड़ा बड़ा लहरी |

पिंजरा साढ़े तीन  हाथ का ता में सुगनवा बोले,
कभी कभी मस्ती में आ के दिल का जौहर खोले,
बोले संझवा औ बिहनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ...

पाँच तत्व का बना है पिजरां लगा है दस दरवाजा,
बीच मध्य में लगा के आसन बैठा बन के राजा,
झूले प्रेम का झुलनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ..

अपने मन की किया दवाई राख सिनवठि नाड़ी,
वो ही से बोले  वो ही से चाले वहीँ से भरे हुंकारी,
मानै उन्हीके कहनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ...

खाय पीय के मस्त हुआ तब मधुर मधुर सुर गावै,
अपने गुरु का ध्यान लगावै मीठी तान सुनावै,
गावे अपने मन का गनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ..

Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...