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Sunday, 31 March 2019

yah poojan kis kaam ka

 किये मंत्र जप माला फेरी, पूजन आठों याम का,
रहे भाव सकीर्ण अगर तो, यह पूजन किस काम का |

हर पूनम हर पर्व नहाये, गंगा जी के नीर में,
पर मन डूब ना पाया बिल्कुल, किसी दुखी के पीर में,
करते रहे सफर हम निष्ठुर, मन से चारों धाम का |
रहे भाव सकीर्ण अगर...... .

ईश्वर ने जो दिया लगाए, केवल अपने वास्ते ,
स्वार्थ पूर्ति  जिन से हमने, चुने वही सब रास्ते ,
किया यत्न हर पल छिन हमने,अपने सुख आराम का |
रहे भाव सकीर्ण अगर......

प्रगति  देख औरों की हम, भरे  द्वेष में लोभ में,
पूर्ण ना हो पायी इक्षा तो, भरे तीव्र विक्षोभ में ,
ध्यान रहा हर समय हमे तो, अपने ही धन धाम का |
रहे भाव सकीर्ण अगर...... 

व्यर्थ ऐठना अहँकार में, भर कर झूठी शान में ,
किन्तु मांगते रहना खुद के, लिए सदा भगवान से ,
द्वार द्वार दौड़ना  व्यर्थ में , यहाँ सुबह और शाम का | 
रहे भाव सकीर्ण अगर...... 

उतना गड्ढा करो कि  जितनी, मिट्टी डालो खेत में, 
प्रायश्चित का सूत्र दिया, यह गुरुवर ने संकेत में ,
ध्यान न रह पाया यदि हमको, पापों के परिणाम का  | 
रहे भाव सकीर्ण अगर......

Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...