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Saturday, 31 August 2019

Abhimaani na kar manmaani




ओ अभिमानी ना, कर मनमानी, ये झूठी शान से,
तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से |

लाखों करोणों की ये पाप की कमाई,
करते हुए भी शरम ना आयी ,
ओ अभिमानी, ना कर मनमानी, ये झूठी शान से,
क्योंकि तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....

झूठ भी बोला किया छल भाई से,
हुआ ना संतोष तुझे अपनी कमाई से ,
अरे अज्ञानी ना बन अभिमानी बच बुरे काम से ,
क्योंकि तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....

तिरिया से करे तू प्रीत रे घनेरे माया  से क्यू ना दूर हटे,
मरने पर तेरा कोई नाम ना लेंगे बस अच्छे काम को दोहराये,
एक दिन नाती पोते, निकालेंगे जनाज़ा, बजायेंगे बाजा, बड़े ही अरमान से,
तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....

मन में बंधी है तेरे पाप की गठरिया व्यर्थ गवाईं सारी उमरिया ,
अरे ओ प्राणी बन जा अब ग्यानी बच झूठी शान से,
क्योंकि तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....



Thursday, 8 August 2019

Bada Lahri

 इस गाने में शरीर को पिंजरा बताया गया है और सुगनवा को आत्मा | 

बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ,
बड़ा लहरी हो रमा बड़ा बड़ा लहरी |

पिंजरा साढ़े तीन  हाथ का ता में सुगनवा बोले,
कभी कभी मस्ती में आ के दिल का जौहर खोले,
बोले संझवा औ बिहनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ...

पाँच तत्व का बना है पिजरां लगा है दस दरवाजा,
बीच मध्य में लगा के आसन बैठा बन के राजा,
झूले प्रेम का झुलनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ..

अपने मन की किया दवाई राख सिनवठि नाड़ी,
वो ही से बोले  वो ही से चाले वहीँ से भरे हुंकारी,
मानै उन्हीके कहनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ...

खाय पीय के मस्त हुआ तब मधुर मधुर सुर गावै,
अपने गुरु का ध्यान लगावै मीठी तान सुनावै,
गावे अपने मन का गनवा बड़ा लहरी |
हो बोले में काया में सुगनवा बड़ा लहरी ..

Sunday, 9 June 2019

jeevan me anand bhara hai

जीवन में आनंद भरा है, सब में आनंद घोल दो,
लेना देना आनंद का हो, बाकी सारा छोड़ दो |

मन है हमारे विचारों की माला, अच्छे बुरे सब आने दो,
चुन लो कुछ अनमोल मोती, बाकी सारा छोड़ दो |

द्रिष्टी हमारी पूजा की हो, मन मंदिर में सजने दो,
प्रेम का नन्हा दीप जला लो, बाकी सारा छोड़ दो |

कितनी करोगे जप तप पूजा, जो करता है करने दो ,
आतम का दीदार करो तुम, बाकी सरा छोड़ दो |

दुनिया में रौनक लाख लगी हो, मन चाहा सुख लेने दो,
तू भी चल कर देख मुसाफिर, बाकी सारा छोड़ दो |

जग के नाते रिश्ते बंधन, धीरे धीरे खुलने दो,
हाथ पकड़ लो सद्गुरु का तुम, बाकी सारा छोड़ दो |

सात चित आनंद रूप तुम्हारा,उसका ही तो पसारा है,
लक्ष्य तुम अपना यही बना लो बाकी सारा छोड़ दो |
जीवन में आनंद भरा है......

Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...