इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं |
सर्वेश्वरी श्री ह्रींकारी शर्वाणी,
तेरे दर पे आया एक भिखारी |
लोग कहते हैं भयहारिणी भवतारिणी है तू, सारे ब्रम्हाण्ड की एक जननी है तू ,
तू सुन ले मेरी कही, यदि तू जननी सही तो बिगड़ी बना दे हमारी |
तेरे दर पे आया एक भिखारी .....
कंस के अहंकार को मिटाया, राजा सुरथ को दर्शन दिखाया ,
सुन ले मेरा रुदन हो जा मुझपे प्रसन्न और मिटा दे विपदा हमारी |
तेरे दर पे आया एक भिखारी .....
तूने रावण के गर्व को मिटाया और हनुमत को अपना बनाया,
तू ही सीता बनी तू ही राधा बनी और तुम ही हो मैया हमारी |
तेरे दर पे आया एक भिखारी .....