Showing posts with label #vandana #prabhubhajan. Show all posts
Showing posts with label #vandana #prabhubhajan. Show all posts

Friday, 25 January 2019

Shyam manohar se man ko lagyaa nahi

 इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं | 


श्याम मनोहर से मन को लगया नहीं ,
तो मज़ा तूने नर तन का पाया नहीं |

सुयश उनका श्रवण में समाया नहीं ,
कीर्ति गुणगान उनका जो गाया नहीं |
तो मज़ा तूने .....

ध्यान में उनके यदि तू  लुभाया नहीं ,
उनके चरणों की सेवा में आया नहीं |
तो मज़ा तूने .....

उनके अर्चन का अनुराग छाया नहीं ,
द्वार पे उनके सिर  को झुकाया नहीं |
तो मज़ा तूने .....

प्रेम में उनके जीवन बिताया नहीं ,
वेदनामय ह्रदय को बनाया नहीं |
तो मज़ा तूने .....

उनके विरहा अग्नि में तन जलाया नहीं,
तो मज़ा तूने .....

Friday, 18 January 2019

Daya Drishti paa kar

 इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं || 

आया शरण ठोकरें जग की खा कर  ,
हटूँगा प्रभू तेरी दया दृष्टि पा कर  ||

पहले मगन हो खुशी नींद सोया ,
सब कुछ पाने का सपना संजोया
मिलेगा वही जो लाया लिखा के |
आया शरण. .......

माना ये काया का है छलावा,
माना ये काया का है बस छलावा ,
रावण सा ग्यानी बचने ना पाया
कहाँ तक रखूँगा मैं खुद को बचाकर |
आया शरण........

कर्मों की लीला बड़ी है निराली,
हरिश्चन्द्र मरघट की करें रखवाली,
समझ में ये आया सब कुछ लुटा कर |
आया शरण........

ना है चाह कोई नहीं कोई इच्छा
अपनी दया की प्रभु दे दो भिक्षा
जिसे सबने छोड़ा उसे तू ही राखे
आया शरण........




Saturday, 29 December 2018

Mata bhajan; Kanya roop bhawani


इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं |


कन्या रूप भवानी मैं देखि आयी,
चाँद सा सुन्दर मुखड़ा है उनका
हाथ में लिए हैं त्रिशूल,मैं देखि आयी |

कानों में कुण्डल होंठ लाल लाल हैं ,
चमके नाथ नथुनिया मैं देखि आयी |
कन्या रूप. .....

नैन कटीले सुन्दर चितवन ,
पहने गले विच हरवा मैं देखि आयी |
कन्या रूप. .....

रेशम सारी कुसुम रंग चुनरी
किये हैं शेर सवारी मैं देखि आयी |
 कन्या रूप. ..... 

Wednesday, 19 December 2018

Vinay: Bata Do Prabhu Tumko paaun mai kaise

 इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं :

बता दो प्रभु तुमको पाऊँ मैं  कैसे ,
विमुख हो के सन्मुख अब आऊँ मैं कैसे |

विषय वासनाएँ निकलती नहीं हैं ,
प्रभु बिन दया पार जाऊँ मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...

कठिन मोह माया में अतिशय भ्रमित हूँ ,
ये चंचल चपल मैं मनाऊँ मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...

मैं तो पतित हूँ भगवन पावन बना दे मुझको ,
तेरे दया की हाँ बूँद पाऊं मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...

कभी सोचती तुमको रो कर पुकारूँ ,
पर ऐसा ह्रदय को बनाऊँ मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...

ह्रदय दिव्य मेँ अलोक जो विमल हो ,
विनय उस तरह की सुनाऊँ मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...


Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...