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Thursday, 11 April 2019

sarvehswari




इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं |

सर्वेश्वरी श्री ह्रींकारी शर्वाणी,
तेरे दर पे आया एक भिखारी |

लोग कहते हैं भयहारिणी भवतारिणी है तू,  सारे ब्रम्हाण्ड की एक जननी है तू ,
तू सुन ले मेरी कही, यदि तू जननी सही तो बिगड़ी बना दे हमारी |
तेरे दर पे आया एक भिखारी .....

कंस के अहंकार को मिटाया, राजा सुरथ को दर्शन दिखाया ,
सुन ले मेरा रुदन हो जा मुझपे प्रसन्न और मिटा दे विपदा हमारी |
तेरे दर पे आया एक भिखारी .....

तूने रावण के गर्व को मिटाया और हनुमत को अपना बनाया,
तू ही सीता बनी तू ही राधा बनी और तुम ही हो मैया हमारी |
तेरे दर पे आया एक भिखारी .....





Sunday, 7 April 2019

Maa kaise prasann hoti ho

 यह गाना मैंने स्वयं लिखा है |

मैं  कैसे जानू माँ, तुम  कैसे प्रसन्न होती हो ,
कैसे प्रसन्न होती हो, माँ कैसे खुश होती हो |

लवंग कपूर की ज्योति जलाई, फिर भी तुम नहीं पड़ी दिखाई,
संतों जैसे निर्मल मन से, तेरी पूजा होती है |
मैं  कैसे जानू माँ......

लाल चुनरिया काढ़ के मैंने, तुमको है पहनाई,
माथे रोली मैंने लगायी, माँ फिर भी ना पड़ी दिखाई |
मैं  कैसे जानू माँ......

नीचे जौ की बेदी बनायी, ऊपर कलश धरायी,
बड़े मुश्किल में  तेरे सामने, अखंड दीप हूँ जलाई ,
माँ फिर भी ना पड़ी दिखाई |
मैं  कैसे जानू माँ......

पान फूल और ध्वजा नारियल, भी मैंने है चढ़ाई,
फूलों का गले हार बनाकर, तुमको मैं पहनाई ,
माँ फिर भी ना पड़ी दिखाई |
मैं  कैसे जानू माँ......

हाँथ जोड़ नतमस्कतक हो कर, तुमको रही मनायी,
थोड़ा सा द्रवित हो जा मेरी मैया थोड़ा सा प्रसन्न हो जा मेरी मैया ,
माँ फिर भी ना पड़ी दिखाई |
मैं  कैसे जानू माँ...... 

Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...