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Monday, 21 January 2019

Chali ja rahi hai umar dheere


चली जा रही है उमर धीरे धीरे ,
सुबह शाम दोपहर धीरे धीरे |

लड़कपन भी बीता जवानी भी बीती ,
बुढ़ापे का हो रहा असर धीरे धीरे |
चली जा रही है .....

गिरे दाँत तेरे हुए केश उजले,
झुकी जा रही है कमर धीरेधीरे  |
चली जा रही है .....

अगर चाहते हो कल्याण अपना,
भजो राम आठों पहर धीरे धीरे |
चली जा रही है .....

Friday, 18 January 2019

Daya Drishti paa kar

 इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं || 

आया शरण ठोकरें जग की खा कर  ,
हटूँगा प्रभू तेरी दया दृष्टि पा कर  ||

पहले मगन हो खुशी नींद सोया ,
सब कुछ पाने का सपना संजोया
मिलेगा वही जो लाया लिखा के |
आया शरण. .......

माना ये काया का है छलावा,
माना ये काया का है बस छलावा ,
रावण सा ग्यानी बचने ना पाया
कहाँ तक रखूँगा मैं खुद को बचाकर |
आया शरण........

कर्मों की लीला बड़ी है निराली,
हरिश्चन्द्र मरघट की करें रखवाली,
समझ में ये आया सब कुछ लुटा कर |
आया शरण........

ना है चाह कोई नहीं कोई इच्छा
अपनी दया की प्रभु दे दो भिक्षा
जिसे सबने छोड़ा उसे तू ही राखे
आया शरण........




Sunday, 23 December 2018

Krishna bhajan : meri bhaiyan na pakdo

पकड़ो ना मेरी कलाई रे, मेरी बहियाँ ना पकड़ो
मैं तो पनिया भरन को आयी ,मेरी बहियाँ ना पकड़ो

गर पकड़ोगे हाथ हमारा , देखेगा कान्हा ये जग सारा ,
होगी मेरी रुसवाई रे , मेरी बहियाँ ना पकड़ो |
पकड़ो ना मेरी कलाई रे....

कान्हा मेरी प्रीत निराली, सब लोगों से छिपाने वाली ,
हँसेंगे लोग लुगाई रे, मेरी बहियाँ ना पकड़ो |
पकड़ो ना मेरी कलाई रे...

छुप छुप के कान्हा मिलने को आऊँ ,मैं तो अपनी प्रीत निभाऊं ,
रखना लाज हमारी रे  ,मेरी बहियाँ ना पकड़ो |
पकड़ो ना मेरी कलाई रे...

सास ननद का डर मुझे लागे, पर मेरे नैना तुम संग लागे
शरण में ले लो मुरारी रे ,मेरी बहियाँ ना पकड़ो |
पकड़ो ना मेरी कलाई रे... 

Wednesday, 19 December 2018

Vinay: Bata Do Prabhu Tumko paaun mai kaise

 इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं :

बता दो प्रभु तुमको पाऊँ मैं  कैसे ,
विमुख हो के सन्मुख अब आऊँ मैं कैसे |

विषय वासनाएँ निकलती नहीं हैं ,
प्रभु बिन दया पार जाऊँ मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...

कठिन मोह माया में अतिशय भ्रमित हूँ ,
ये चंचल चपल मैं मनाऊँ मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...

मैं तो पतित हूँ भगवन पावन बना दे मुझको ,
तेरे दया की हाँ बूँद पाऊं मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...

कभी सोचती तुमको रो कर पुकारूँ ,
पर ऐसा ह्रदय को बनाऊँ मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...

ह्रदय दिव्य मेँ अलोक जो विमल हो ,
विनय उस तरह की सुनाऊँ मैं कैसे |
बता दो प्रभु ...


Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...