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Sunday, 29 December 2019

Hume toh loot liya



हमें तो लूट लिया मिल के कई चोरों ने,
काम क्रोध लोभ ने मद मोह छोभ नें ||

माया का झोखा चला था बड़े ही जोरों से, द्वार खोल दिए इन्द्रियों के देवों नें ,
चका चौंध में हम भूल गए परमेश्वर , कीमती वक़्त बीत रहा थी ना खबर
हमे बेकार कर दिया हमारे कर्मों नें , काम क्रोध लोभ नें मद मोह छोभ नें ||
हमे तो लूट लिया  ................

नींद से जगे जब तो मन बड़ा बेचैन हुआ ,करुणा कर के फिर से हमको एक मौका दिया ,
ला के पटक दिया गुरु के चरणों में ,काबिल ना था फिर भी अपनाया गुरुवर ने ,
मन्त्र दीक्षा दे शुद्ध किया  सतगुरु  नें , काम क्रोध लोभ नें मद मोह छोभ नें ||
हमें तो लूट लिया  ..............

उनके संकल्प से ही हम तो पवित्र हुए , उनकी नूरी निगाहों में हम आ ही गए
ईश्वर का अंश हूँ ये बात तब समझ पाया ,लेखनी लिख ना सकी क्या गुरु के गुण गाये
डूबने से बचे हम तो गुरु के वचनों से, काम क्रोध नें मद मोह लोभ नें ||
हमें तो लूट लिया ...............

Saturday, 31 August 2019

Abhimaani na kar manmaani




ओ अभिमानी ना, कर मनमानी, ये झूठी शान से,
तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से |

लाखों करोणों की ये पाप की कमाई,
करते हुए भी शरम ना आयी ,
ओ अभिमानी, ना कर मनमानी, ये झूठी शान से,
क्योंकि तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....

झूठ भी बोला किया छल भाई से,
हुआ ना संतोष तुझे अपनी कमाई से ,
अरे अज्ञानी ना बन अभिमानी बच बुरे काम से ,
क्योंकि तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....

तिरिया से करे तू प्रीत रे घनेरे माया  से क्यू ना दूर हटे,
मरने पर तेरा कोई नाम ना लेंगे बस अच्छे काम को दोहराये,
एक दिन नाती पोते, निकालेंगे जनाज़ा, बजायेंगे बाजा, बड़े ही अरमान से,
तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....

मन में बंधी है तेरे पाप की गठरिया व्यर्थ गवाईं सारी उमरिया ,
अरे ओ प्राणी बन जा अब ग्यानी बच झूठी शान से,
क्योंकि तेरा पाला भी पड़ेगा भगवान से.....



Sunday, 11 August 2019

Hari ko bhaj le Prani

हरि को भज ले प्राणी कहीं वक्त टल ना जाये
कंचन सी तेरी काया मरघट में जल ना जाये

सूंदर शरीर पा कर अभिमान कर रहा है ,
माटी का तेरा पुतला, माटी में मिल न जाए |
हरि  को भज  ...

करता है मेरा मेरा कोई नहीं है तेरा ,
कोई साथ है ना आया, कोई साथ में ना जाये |
हरि  को भज  ...

भव सिंधु पार जाना कोई  नहीं ठिकाना,
कागज़ की तेरी नैया, कहीं डूब ही ना जाए |
हरि  को भज  ...


Wednesday, 3 July 2019

Jaana hoga re gujariya

  इस गाने में ये बताया गया है की सबको अंत में भगवान् के पास ही जाना है, जिसका वर्णन  भगवन से शादी के रूप में किया है की गवनवा(शादी के बाद हुई मइके से विदाई) आत्मा को जाना ही होगा |

गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया,
होगा रे गुजरिया तुम्हें होगा रे गुजरिया |

हरे बाँस की बनी पालकी ता पर लाल ओहार ,
चार कहरवाँ  आगे पीछे पंचवा सिरजनहार ,
छठवां मै बैठी बांवरिया होगा रे गुजरिया,
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ....

मात पिता और कुटुम्ब  कबीला ये माया बाजार हो रामा ये माया बाजार,
अन्त समय कोई काम ना अइहैं घर से दयेहैं निकाल,
फिर अकेलवै तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया,
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ...

काम क्रोध मद लोभ में पड़ के राम दिया बिसराय हो रामा राम के दिया बिसराय,
काल का दंड  लगे सिर ऊपर तुम्हे टांग लिये जाय ,
फिर सिर धुन धुन के पछताना होगा रे गुजरिया
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ...

महल अटारी सब छुट जैय्हैन धन और माल खजाना हो रामा  धन और माल खजाना
जेहि  दिन गुर गोरिया अएहैं  सच्चे साजन का परवाना
फिर तो लागे कौनो न बहाना होगा रे गुजरिया,
गवनवाँ तुम्हें  जाना होगा रे गुजरिया ...




Thursday, 13 June 2019

Sansaar bhi sakar na hota

  संसार के करतार का आकार न होता तो,
उसका ये संसार भी साकार न होता।

साकार में जाहिर है निराकार की हस्ती,
साकार न होता तो निराकार न होता।
संसार के करतार-  - - - -

हम मान भी लेते की दृष्टि से परे है,
आखों में मगर उसका चमत्कार न होता।
संसार के करतार-  - - - -

व्यापक ही सही सबमे वो रहता मगर कहाँ है ,
रहने का अगर जिस्म का आधार न होता।
संसार के करतार-  - - - -

आँखों से निकलते ना कभी बिंदु के मोती,
निर्गुण का सगुण से जो बंधा तार ना होता।
तो उसका ये संसार भी साकार न होता।
संसार -  - -

Sunday, 9 June 2019

jeevan me anand bhara hai

जीवन में आनंद भरा है, सब में आनंद घोल दो,
लेना देना आनंद का हो, बाकी सारा छोड़ दो |

मन है हमारे विचारों की माला, अच्छे बुरे सब आने दो,
चुन लो कुछ अनमोल मोती, बाकी सारा छोड़ दो |

द्रिष्टी हमारी पूजा की हो, मन मंदिर में सजने दो,
प्रेम का नन्हा दीप जला लो, बाकी सारा छोड़ दो |

कितनी करोगे जप तप पूजा, जो करता है करने दो ,
आतम का दीदार करो तुम, बाकी सरा छोड़ दो |

दुनिया में रौनक लाख लगी हो, मन चाहा सुख लेने दो,
तू भी चल कर देख मुसाफिर, बाकी सारा छोड़ दो |

जग के नाते रिश्ते बंधन, धीरे धीरे खुलने दो,
हाथ पकड़ लो सद्गुरु का तुम, बाकी सारा छोड़ दो |

सात चित आनंद रूप तुम्हारा,उसका ही तो पसारा है,
लक्ष्य तुम अपना यही बना लो बाकी सारा छोड़ दो |
जीवन में आनंद भरा है......

Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...