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Wednesday, 13 February 2019

Dhyan ka vaada

ध्यान का वादा करके सजन तूने ध्यान लगाना छोड़ दिया।

शीश तले पग ऊपर थे जब ,
मातु के पेट में लेट रहे जब ,
तब इश्वर से इकरार किया ,
तूने भूल के वादा तोड़ दिया।
ध्यान का वादा करके .........

देख लुभाये गया जग की,
 रचना सब सुन्दर साज बानी ,
उस सर्जन हार की सार नहीं,
 तूने भोग में मन को जोड़ दिया।
ध्यान का वादा करके .........

घर कारज बीच फँसाय रहा ,
दिन रत ना  मौत की याद नहीं ,
उमरा सब बीतत जाय चली ,
तूने क्यों प्रभु से मुख मोड़ लिया।
ध्यान का वादा करके .........

बारहिं बार फिरा जग में,
जीवन की सब जूनन में,
ब्रम्हानंद राम भजा तू नहीं ,
भव सागर में सिर बोर दिया।
ध्यान का वादा करके .........

Monday, 21 January 2019

Chali ja rahi hai umar dheere


चली जा रही है उमर धीरे धीरे ,
सुबह शाम दोपहर धीरे धीरे |

लड़कपन भी बीता जवानी भी बीती ,
बुढ़ापे का हो रहा असर धीरे धीरे |
चली जा रही है .....

गिरे दाँत तेरे हुए केश उजले,
झुकी जा रही है कमर धीरेधीरे  |
चली जा रही है .....

अगर चाहते हो कल्याण अपना,
भजो राम आठों पहर धीरे धीरे |
चली जा रही है .....

Friday, 18 January 2019

Daya Drishti paa kar

 इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं || 

आया शरण ठोकरें जग की खा कर  ,
हटूँगा प्रभू तेरी दया दृष्टि पा कर  ||

पहले मगन हो खुशी नींद सोया ,
सब कुछ पाने का सपना संजोया
मिलेगा वही जो लाया लिखा के |
आया शरण. .......

माना ये काया का है छलावा,
माना ये काया का है बस छलावा ,
रावण सा ग्यानी बचने ना पाया
कहाँ तक रखूँगा मैं खुद को बचाकर |
आया शरण........

कर्मों की लीला बड़ी है निराली,
हरिश्चन्द्र मरघट की करें रखवाली,
समझ में ये आया सब कुछ लुटा कर |
आया शरण........

ना है चाह कोई नहीं कोई इच्छा
अपनी दया की प्रभु दे दो भिक्षा
जिसे सबने छोड़ा उसे तू ही राखे
आया शरण........




Mata Bhajan: Maiya se Vinay sunai aayi

 इस भजन के बोल मैंने स्वयं ही लिखे हैं | मइया से विनय सुनाई आयी हूँ संकट की मारी, दुर्गे से, अम्बे से , मइया से , जननी से, अम्बे से विन...