Thursday, 3 October 2019

ashata bhuji meri maa

अष्ट भुजी मेरी माँ जगदम्बे ,चले भई रण चण्डी बन के,
हाथ में लिए हैं तलवार, माता की बोलो जय जय कार |

भक्तों को अभय दिलाने, दैत्यों का मर्दन करने,
जग की आधार मैया, करती बेड़ा पार मैया
जय जय हे मातु भवानी तुम ही माता कल्याणी,
देव सब करे जय जय कार,हाथ में लिए हैं तलवार ||
अष्ट भुजी मेरी माँ......

घन घन घन घण्टा बाजे, छम छम छम पैजनिया बाजे,
बिजली सी चमके मैया, भरती हुंग हुंग कार मैया ,
 तुम हो वाराही रूपा वैष्णवी माँ शक्ति रूपा ,
भद्रकाली दिखतीं विकराल,हाथ में लिए हैं तलवार ||
अष्ट भुजी मेरी माँ......

वाणों की वर्षा करके हाथों में तलवार ले के,
धनुष टँकार करके हाथ में त्रिशूल ले के ,
चामुण्डा चन्द्रिका ,काली  फिरती  रण में मतवाली ,
दुष्ट करें हा हा कार , देव सब  करें सब नमस्कार ||
अष्ट भुजी मेरी माँ...... 

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