इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं ||
आया शरण ठोकरें जग की खा कर ,
हटूँगा प्रभू तेरी दया दृष्टि पा कर ||
पहले मगन हो खुशी नींद सोया ,
सब कुछ पाने का सपना संजोया
मिलेगा वही जो लाया लिखा के |
आया शरण. .......
माना ये काया का है छलावा,
माना ये काया का है बस छलावा ,
रावण सा ग्यानी बचने ना पाया
कहाँ तक रखूँगा मैं खुद को बचाकर |
आया शरण........
कर्मों की लीला बड़ी है निराली,
हरिश्चन्द्र मरघट की करें रखवाली,
समझ में ये आया सब कुछ लुटा कर |
आया शरण........
ना है चाह कोई नहीं कोई इच्छा
अपनी दया की प्रभु दे दो भिक्षा
जिसे सबने छोड़ा उसे तू ही राखे
आया शरण........
आया शरण ठोकरें जग की खा कर ,
हटूँगा प्रभू तेरी दया दृष्टि पा कर ||
पहले मगन हो खुशी नींद सोया ,
सब कुछ पाने का सपना संजोया
मिलेगा वही जो लाया लिखा के |
आया शरण. .......
माना ये काया का है छलावा,
माना ये काया का है बस छलावा ,
रावण सा ग्यानी बचने ना पाया
कहाँ तक रखूँगा मैं खुद को बचाकर |
आया शरण........
कर्मों की लीला बड़ी है निराली,
हरिश्चन्द्र मरघट की करें रखवाली,
समझ में ये आया सब कुछ लुटा कर |
आया शरण........
ना है चाह कोई नहीं कोई इच्छा
अपनी दया की प्रभु दे दो भिक्षा
जिसे सबने छोड़ा उसे तू ही राखे
आया शरण........
Deep🧡
ReplyDeleteSo very awesome 😍
ReplyDeleteU write and sing very well
ReplyDeleteDeep meaning
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