Saturday, 29 December 2018

Mata bhajan; Kanya roop bhawani


इस गाने के बोल मैंने स्वयं लिखे हैं |


कन्या रूप भवानी मैं देखि आयी,
चाँद सा सुन्दर मुखड़ा है उनका
हाथ में लिए हैं त्रिशूल,मैं देखि आयी |

कानों में कुण्डल होंठ लाल लाल हैं ,
चमके नाथ नथुनिया मैं देखि आयी |
कन्या रूप. .....

नैन कटीले सुन्दर चितवन ,
पहने गले विच हरवा मैं देखि आयी |
कन्या रूप. .....

रेशम सारी कुसुम रंग चुनरी
किये हैं शेर सवारी मैं देखि आयी |
 कन्या रूप. ..... 

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